

कामवन रामलीला:- निषादराज-राम मिलन एवं केवट प्रसंग में मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां डीग 9783029649
कामां – रामलीला महोत्सव के सातवें दिन आयोजित रामलीला मंचन में राम लक्ष्मण सीता का रथ पर चढ़कर वन के लिए प्रस्थान, निषाद राज से भेंट , सुमंत विदा, केवट प्रसंग और भारद्वाज वाल्मीकि आदि ऋषियों से राम की भेंट के साथ चित्रकूट प्रवास तक की लीलाओं का मंचन किया गया । जिसमें निषाद के रूप में बाबूलाल अशोक सोनी केवट के रूप में बेदरिया ओमकार बजाज गिरधर शर्मा सुमंत के रूप में धनेश शर्मा भारद्वाज के रूप में हजारीलाल आर्य एवं वाल्मीकि के रूप में राजेंद्र एडवोकेट के अभिनय को खूब सराहा गया । राम के रूप में भुवनेश्वर , सीता के रूप में गोविंद , लक्ष्मण के रूप में इशांत आदि के अभिनय को दर्शकों ने बहुत पसंद किया। विदा माता-पिता तुमसे हुए हम 14 वर्षों को” गीत को श्रद्धालु दर्शकों ने खूब सराहा । उसके बाद केवट प्रसंग में काहे डरत अब आगे लाओ नैया” के द्वारा केवट और राम का भावपूर्ण प्रसंग आयोजित किया गया ।रामलीला मंचन के पूर्व में अग्रवाल समाज के अध्यक्ष भगवानदास , खंडेलवाल समाज के अध्यक्ष गिरधारी लाल और जैन समाज के अध्यक्ष अनिल लहसरिया ने राम लक्ष्मण सीता की आरती उतारी । वही कामवन रामलीला समिति के स्वागत अध्यक्ष मनोज सिंघल, कोषाध्यक्ष हरीश शर्मा एवं व्यवस्था मंडल के सोनू चोबिया ने अतिथियों का उत्तरीय पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया । रामलीला मंचन में विजय कृष्ण शर्मा ने व्यास पीठ से सुमधुर चौपाइयां प्रदान कर रामलीला को प्रभावी बनाया । वहीं पात्र प्रधान एवं निदेशक डॉ भगवान मकरंद ने विभिन्न दृश्यों और संवादों का संयोजन किया। सहपात्र प्रधान अरुण पाराशर एवं सह कथा व्यास प्रियांशु शर्मा ने रामलीला को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।